यह फिल्म आधिकारिक रूप से “जेम्स बॉन्ड” श्रृंखला की 25 वीं किस्त है. फिल्म जेम्स बॉन्ड का के पिछले संसकरणों फॉलो करती हुए आगे बढ़ती है, जिसमे सीक्रेट एजेंट बांड 007 अपनी सक्रिय सेवाओं से सेवानिवृत्त होने के बाद अपने दोस्त और सीआईए एजेंट, फेलिक्स लेटर द्वारा अपहरण किए गए वैज्ञानिक को बचाने के एक कठिन मिशन पर जाने के लिए चुना जाता है।

फिल्म के शुरुआत में ही जेम्स बांड अपने आप को एक रहस्यमय खलनायक के खिलाफ खड़ा पाता है जो एक अत्याधुनिक और बेहद खतरनाक नई तकनीक से लैस होता है। समय रहते क्या क्या जेम्स बॉन्ड हमारी बेहतरीन दुनिया को बचा पाएगा? इसको देखने के लिए आप इस उम्दा साइंस फंतासी फिल्म को नजदीकी सिनेमाघर में ही देखिएगा

तकनीक और इसकी उन्नति को देखना है तो आप हॉलीवुड की science friction फिल्मो को देखिये। इसे केवल बच्चो के लिए ही नहीं बलि हर उस शख्श को ध्यान में रख कर बनाया जाता है जिसकी रूचि तकनीक में हो. और होगी भी क्यों नहीं caption america और iron man को देख कर कौन प्रभावित नहीं होता ? इसका मुख्य कारण मनोरंजन के साथ साथ तकनीक का विज्ञापन भी हो जाता है क्यों कि फिल्मे किसी भी प्रोडक्ट को प्रमोट करने का एक शानदार तरीका हैं.

Sci-Fi फ्रैंचाइज़ी जो भी फिल्में बनती है वो काफी बड़े बजट की होती है.इन फिल्मो के भारतीय भाषा में विज्ञान फंतासी फिल्मे भी कहा जाता है. जिनके निर्माण में लागत ज्यादा आने का कारण होता है, वैसे दृश्य पैदा करने वाले Action Director और विज़ुअल दृश्य पैदा करने वाले लोगो की भारी भरकम फीस. ऐसे दृश्य फिल्माने ललक और बेजोड़ दिमाग केवल कम के पास होता है. जो आपको कल्पना से परे ले जा सकें. ऐसी फिल्मो के प्रचलन कब शुरू हुआ ?इसको जानने के लिए आप एक दफा 1999 में प्रदर्शित “द मैट्रिक्स” फिल्म देखिये, यह ३ पार्ट बनी थी. यह मूवी सीरीज science friction का एक बहुत ही अच्छा उदाहरण और उम्दा मिसाल है.

एक अच्छी विज्ञान-फंतासी मूवी में कई अलग-अलग चीजें हैं, जिसमें लंबे एक्शन पैक्ड शॉट्स से लेकर बेहतरीन और हाजिरजवाब संवाद तक शामिल हैं।
किसी भी SCI -Fri Movie देखने से पहले आपको इस विषय में एक शोध अवश्य करनी चाहिए।

ऐसी फिल्मो में इनके इतिहास की जानकारी बहुत अहम होती है. जिसकी अज्ञानता आपका मजा चौगुना करने की बजाय घटा देती है. हमारा सुझाव है ऐसे फिल्म देखने से पूर्व इसकी हिस्ट्री और इसके पूर्व संस्करण के ब्रीफ पढ़कर या प्लाट समझ कर ही सिनेमा हॉल में प्रवेश करें।

क्यों की कई ऐसे सीन और किरदार बीच में से उठकर आ जायेंगे फिल्म में बड़ा महत्वपूर्ण रोल था. उदहारण के लिए मेने अवेंजर्स की सीरीज देख रखी थी. एक दृश्य में विंटर सोल्जर बगी आता है तो हॉल में कई लोग तालियां बजा रहे थे मुझे समझ में ही नहीं आया ये हो क्या रहा है ? तब पता चला ये कैप्टन अमेरिका के साथ पूर्व में एक मूवी में नजर आये थे.

तो ऐसा आपके साथ ना हो इसके लिए आप फिल्म का इतिहास जरूर देख लें.ऐसे फिल्मो का आनद लेने के लिए 3d टिकट ही खरीदें क्यों की उसमे आपको बेहतरीन दृश्य प्रभाव दिखाई देंगे और त्रि आयाम (3-D Movies) में देखने पर ही फिल्मो में चार चाँद लगते हैं. और यदि आपके शहर में IMAX सिनेमा हो तो हमारी सलाह है आप ऐसे SCI -FRI मूवी को IMAX Theatre में ही देखें।

पायरेटेड मूवीज रिलीज़ करने वाली वेब्सीटेस फिल्म के काफी दृश्य काट दिया करती हैं. जिससे हो सकता है आप कुछ अच्छे और उन्नत सीन और डायलॉग मिस कर दें.
पायरेटेड मूवीज में काफी बार सिनमा हाल में चलने वाले लोगों का प्रतिबिम्ब भी परदे पर नजर आ जाता है.
ऐसे फर्जी प्रिंट में ये उन्मादी लोग किसी दूसरी फ़िल्म के सीन भी दाल देते हैं. जिससे आपका मजा किरकिरा हो सकता है.
ऐसे फिल्मे डाउनलोड करते समय आपको आपकी स्क्रीन पर कई बार अश्लील चलचित्र भी दिख जाते हैं जिनके चलते आपको अपने घर वालो के सामने शर्मिंदा होना पड सकता है.
और जहाँ तक पायरेसी एक्ट के चलते जो आपको क़ानूनी अड़चने आ सकती है एक बार उन पर भी गौर कर लेते हैं. जब भाजपा सरकार ने 2019 के लिए अंतरिम बजट को पेश करते समय एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की थी जिसमे तत्कालीन पीयूष गोयल (अंतरिम वित्त मंत्री) ने मूवी पाइरेसी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की निर्णय लेने की घोषणा भी कर डाली थी।
सत्तापक्ष के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस दौरान सिनेमैटोग्राफ अधिनियम के तहत आने वाले नियमो में से कई नियमो में व्यापक संशोधन भी किया और उनको तत्काल और प्रभावी रूप से जारी करते हुए मंजूरी दे दी थी.
जिसके अनुसार जो उन्मादी लोग फिल्मों से जुड़े हुए वीडियो की चोरी करते हुए उन्हें नेट पर अपलोड रहे हैं वे बड़ी मुसीबत का सामना करने का हक़दार हैं और उनको हिंदी सहित तमात क्षेत्रीय भाषाओ की फिल्मों की पायरेसी करते पाए जाने पर 3 साल की कठोर कारावास और अन्यथा 10 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना दोषित किया जायेगा जिसकी वसूली करने के लिए सरकार उनकी प्रॉपर्टी भी नीलाम कर सकती है.
अच्छी कॉमेडी के लिए जरुरी टाइमिंग का ख़याल रखा गया है. गाने आपको झूमने पर मजबूर कर देते हैं. १११ का संगीत रिलीज़ हो चूका है और इसके गाने सभी चार्ट्स में छाए हुए हैं.
पायरेसी के प्रमुख कारण

माल कल्चर की ऊपज
सिनेमा हॉल में पॉप कॉर्न और कोल्ड ड्रिंक की कीमतों में बेतहाशा वृध्दि
उच्च टिकट की कीमतें
ऑनलाइन टिकट के कमिशन
अन्य खर्च जैसे कि मॉल पार्किंग
आम जान की निम्न आय स्तर
सस्ते शुद्ध बुनियादी ढांचे सामग्री
भारत से पहले यूएई जैसी जगहों पर फिल्मों की रिलीज़

पायरेसी हेतु प्रेरणा
वेबसाइट को विज्ञापन से होने वाली आय
उच्च ट्रैफिक के अन्य लाभ
युवाओ में लोकप्रियता
पहले रिलीज़ की होड़
अंडरवर्ल्ड का सहयोग
वेबसाइट के पेज लोड होने पर पहले २ या ३ क्लिक में खुलने वाले पॉप अप से अश्लील प्रोडक्ट्स की सेल

पायरेसी के परिणाम
फिल्मो के निर्माता की कमाई रुकने से कॉस्ट कटिंग

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